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जैविक खेती

30 क्विंटल एकड़ तक बंपर पैदावार वाली गेहूं की ये 3 अगेती किस्म जाने

गेहूं की इन 3 अगेती किस्मों

30 क्विंटल एकड़ तक बंपर पैदावार वाली गेहूं की ये 3 अगेती किस्म जाने खरीफ सीजन को कटाई का कार्य जारी है। वही खरीफ सीजन के बाद किसान साथी रबी सीजन के लिए खेत तैयारी , खाद- बीज की व्यवस्था में जुट जाते है। कई किसान अच्छी किस्म का बीज ढूंढ रहे है। ऐसे में आज हम आपको गेंहू की 3 ऐसी किस्मों के बारे में जानकारी देने जा रहे जिन्होंने वर्ष 2022-23 में 30 क्विंटल प्रति एकड़ तक पैदावार दी है।

30 क्विंटल एकड़ तक बंपर पैदावार वाली गेहूं की ये 3 अगेती किस्म जाने

इन 3 वैरायटी की खास बात यह है की, यह तीनों रोगप्रतिरोधी है। साथ ही इन्होंने वर्षा-ओलावृष्टि के बावजूद किसानों का बढ़िया मुनाफा करवाया है। गेंहू की यह 3 किस्में – DBW-370, DBW-371, DBW-372 अगेती बुवाई के लिए है, इन किस्मों की खासियत एवं अधिक जानकारी के लिए के इस आर्टिकल के अंत तक बने रह सकते है।

Yield up to 30 quintals acre with disease resistance

बता दे की, भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान केंद्र की ओर से इस बार गेहूं की 6 नई किस्मों को रिलीज किया था। जिनमे से 3 किस्मों को ट्रायल के तौर पर किसानो को 3 किस्में DBW-370, DBW-371, DBW-372 दी थी। इन तीन नई रिलीज प्रजातियों ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी बंपर पैदावार दी है।

नई प्रजातियों में किसी प्रकार के रोग की शिकायत भी नहीं मिली है। नई तीनों प्रजाति ने 30 क्विंटल प्रति एकड़ तक की पैदावार दी है। पैदावार अधिक देने के साथ नई प्रजाति पीला रतुआ और फफूंदी रोग से लड़ने में सक्षम रही। इससे किसानों को रसायन पर खर्च नहीं करना पड़ा और उन्हें दोगुना फायदा हुआ है।

Big yield obtained even after rain and hailstorm

भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान की ओर से इस बार गेहूं की छह नई प्रजातियां रिलीज की गई थी। इनमें डीबीडब्ल्यू 327, 332, 370, 371, 372 और 316 शामिल हैं। संस्थान की ओर से डीबीडब्ल्यू 370, 371 और 372 का बीज पांच किलोग्राम और दस किलोग्राम के पैकेट में किसानों को बिजाई के उपलब्ध कराया गया। संस्थान ने भी इन प्रजातियों के गेहूं को अपने फार्म पर प्रशिक्षण के लिए उगाया।

Information about these three varieties..

संस्थान के निदेशक डा. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान की ओर से रिलीज की गई गेहूं की तीनों नई वैरायटी 30 क्विंटल प्रति एकड़ तक की पैदावार दी है। जबकि इस बार बेमौसम वर्षा और ओलावृष्टि भी हुई। इसके बावजूद नई वैरायटी ने किसानों की झोली भरी है। इन वैरायटी के गेहूं की फसल में किसी प्रकार का रोग नहीं लगा है। इन प्रजातियों को रोगों से लड़ने के लिए तैयार किया गया था। गेहूं में अक्सर पीला रतुआ और फफूंदी लगने की शिकायत आती है लेकिन तीनों नई वैरायटी इन रोगों से लड़ने में सक्षम रही हैं।

1.DBW 370 – Karan Vaidehi wheat variety

गेंहू की डीबीडब्लयू 370 (करण वैदेही) अगेती बुवाई के लिए उपर्युक्त है। यह किस्म उतरी पश्चिमी मैदान क्षेत्रों के लिए उपर्युक्त हैं। इस किस्म के पौधों की ऊंचाई 99 सेमी और पकने की अवधि 151 दिन और 1000 दानों का भार 41 ग्राम होता है। इस किस्म में प्रोटीन कंटेंट 12 प्रतिशत, जिंक 37.8 पीपीएम और लौह तत्व 37.9 पीपीएम होता है। इसकी उत्पादन क्षमता 86.9 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और औसत उपज 74.9 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक देखने को मिल सकती है।

2.Information about DBW 371 wheat variety

गेंहू की डीबीडब्ल्यू 371 सिंचित क्षेत्रों में अगेती बुवाई के लिए विकसित की गई है। इस किस्म की खेती पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान (कोटा व उदयपुर सम्भाग को छोड़कर) पश्चिमी उत्तर प्रदेश (झाँसी मंडल को छोड़कर), जम्मू कश्मीर के जम्मू और कठुआ जिले , हिमाचल प्रदेश का ऊना जिला, पोंटा घाटी और उत्तराखंड के तराई क्षेत्रों में की जा सकती है।

पौधों की ऊँचाई 100 सेमी और पकने की अवधि 150 दिन और 1000 दानों का भार 46 ग्राम होता है। इस किस्म में प्रोटीन कंटेंट 12.2 प्रतिशत, जिंक 39.9 पीपीएम और लौह तत्व 44.9 पीपीएम होता है। इसकी उत्पादन क्षमता 87.1 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और औसत उपज 75.1 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है।

3. Information about DBW-372 wheat variety

गेंहू की डीबीडब्ल्यू 372 किस्म पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, दक्षिणी राजस्थान के लिए उपर्युक्त है। इस किस्म के पौधों की ऊँचाई 96 सेमी और पकने की अवधि 151 दिन और 1000 दानों का भार 42 ग्राम होता है। इस किस्म में प्रोटीन कंटेंट 12.2 प्रतिशत, जिंक 40.8 पीपीएम और लौह तत्व 37.7 पीपीएम होता है। वही इसकी उत्पादन क्षमता 84.9 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और औसत उपज 75.3 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है।

Characteristics of 3 varieties of wheat (DBW-370, DBW-371, DBW-372)

गेंहू की DBW-370, DBW-371, और DBW-372 तीन किस्में हैं जिन्हें उनकी बेहतर उपज और उच्च उपज क्षमता के आधार पर माना गया है। अनुसंधान संस्थान करनाल के कृषि वैज्ञानिकों ने बताया की, यह तीनों किस्में अगेती बुवाई के लिए है।

High yielding wheat varieties 2023

आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ व्हीट एंड जौ रिसर्च (IIWBR) के वैज्ञानिकों के अनुसार, पीला और भूरा रतुआ की सभी रोगजनक प्रकारों  के लिए प्रतिरोधक पायी गई हैं। जबकि डीबीडब्ल्यू 370 और डीबीडब्ल्यू 372 करनाल बंट रोग प्रति अधिक प्रतिरोधक पायी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों को 20 से 20 क्विंटल की औसत उपज से 5 से 10 क्विंटल अधिक फसल प्राप्त करने में मदद मिलती है। 22 क्विंटल प्रति एकड़।

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