इस साल धान की खेती में बेहतर पैदावार के लिए कीजिये इस खास किस्म की खेती, जानिए नाम और खेती का उचित तरीका

इस साल धान की खेती में बेहतर पैदावार के लिए कीजिये इस खास किस्म की खेती, जानिए नाम और खेती का उचित तरीका, नमस्कार दोस्तों अगर आप भी आने वाली भारत में नाम की खेती करने की सोच रहे हैं तो आज हम आपको दान की खेती की एक बहुत ही उन्नत किस्म के बारे में बताने जा रहे हैं. दोस्तों अगर आप इस किस्म की खेती करते हैं तो आपको धान की खेती में ज्यादा पैदावार देखने को मिल जाती है. दोस्तों आपको बता दे की कृषि वैज्ञानिको के द्वारा भी इस किस्मत की सलाह दी जा रही है. दोस्तों आप धान की खेती के लिए कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित सबौर मंसूरी किस्म की खेती कर सकते हैं. इस किस्म की खास बात यह है कि यह काम पानी उर्वरक और कम खर्चे में आसानी से डेढ़ गुना ज्यादा मुनाफा कर देती है. केंद्र से इस संदर्भ वैरायटी की अधिसूचना एक महीने में जारी हो जाएगी इसके बाद आप इसे खेती के लिए खरीद सकते हैं.

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दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दे कि पिछले 4 वर्षों तक बिहार सहित देश के 19 राज्यों में अखिल भारतीय समन्वित धन सुधार परियोजना के तहत 125 केन्द्रो पर परीक्षण किया गया है. दोस्तों बात करें बिहार की तो यहां पर किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा भागलपुर,लखीसराय, बेगूसराय,बक्सर औरंगाबाद,गया,रोहतास और पटना जैसे जिलों में इसका परीक्षण किया गया.वैज्ञानिकों के परीक्षण के बाद ही इस बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है. दोस्तों वनस्पति अनुसंधान इकाई बिक्रमगंज के वैज्ञानिक डॉक्टर प्रकाश सिंह और डॉक्टर कमलेश कुमार सहित कई सारे वैज्ञानिकों की टीम ने इस धान की नई प्रजाति की खोज करी है.

इस साल धान की खेती में बेहतर पैदावार के लिए कीजिये इस खास किस्म की खेती, जानिए नाम और खेती का उचित तरीका

दोस्तों बात करें इसके ऊपर क्षमता की तो धान की इस सबौर मंसूरी किस्म की उपज क्षमता 65 से 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है. साथ ही इस किस्मत से आप ज्यादा से ज्यादा 122 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक का मुनाफा भी कमा सकते हैं. साथी आपको बता दे कि बिहार के किसानों के खेतों में किए गए प्रयोग में इस किस्म ने औसतन 107 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की उपज करि है. धान की यह किस में मौसम के अनुकूल वैरायटी हैं. जो की कठिन परिस्थितियों में भी 135 से 140 दिनों में 65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक का उत्पादन कर देती है. दोस्तों इस खास प्रजाति के पौधे में काम से कम 18 से 20 करले होते हैं. साथी इसकी बालियान 29 सेंटीमीटर लंबी होती है. जिस्म की आपको 300 से अधिक दाने मिल जाते हैं और इनका रंग सुनहरा होता है.

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तो दोस्तों आपको बता दे कि सबौर मंसूरी किस्मत की खास बात यह है कि इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता सबसे अधिक होती है जिससे कि अगर इसमें किट और रोग लग जाते हैं तो यह काफी हद तक इसे बर्दाश्त कर लेती है. क्या पूरी तरीके से जीवाणु झुलसा झोंका रोग के प्रति मध्य प्रतिरोधी है. साथी यह तना छेदक एवं भरा पत्ती लपेटा किट के प्रति भी सहनशील है. इसी के साथ आपको बता दे कि इस पौधे का ताना काफी मजबूत होता है और बदलते जलवायु में बार-बार आने वाले आंधी तूफान में भी नहीं गिरता है. इन सब के साथ ही किसान भाई इस किस्मत से कम पानी कम खर्च और काम खाद उर्वरक में भी अच्छी पैदावार कर सकते हैं. कुल मिलाकर बात यह है कि आपको इसमें कम लागत में ज्यादा मुनाफा होने वाला है.

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