Demat account खोलना चाहते हैं, यहां जाने step by step आसान तरीका

Demat Account

Demat account  शेयर मार्केट की दुनिया में जाने के लिए आपको सबसे पहले डिमैट अकाउंट की जरूरत होती है। अगर आपके पास डीमैट अकाउंट है तभी आप शेयर बाजार में अच्छे पैसे कमा सकते हैं। यह Demat account बनाने के विकल्प है।

नमस्कार दोस्तों, निवेशक शेयर बाजार में भी काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसके लिए पहले वह इसके बारे में पूरी इंफॉर्मेशन लेकर ही शेयर बाजार में कूद रहे हैं। क्योंकि इसमें वही सफल हो सकता है जो इसके बकरियों से बखूबी जानकार है। निवेश करने के मामले में शेयर बाजार में खूब ट्रेंड में है। लोग इसमें थोड़े पैसे से विनिवेश करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। भले ही इसमें पैसा डूबने का रिस्क हर समय बना रहता है, मगर फिर भी शेयर बाजार दिन प्रतिदिन लोगों का पसंदीदा होता जा रहा है। इसमें या तो वह खुद ही निवेश करके पूरी निगरानी रखते हैं या फिर कोई ब्रोकर हायर करते हैं,

जो उनके शेयर बाजार की पूरी देखरेख करता है और उन्हें अच्छा मुनाफा कमा कर देता है। मगर इन सबके लिए आपके पास आप शादी में अकाउंट होना बहुत जरूरी है। जब तक आपके पास ही है मैंने अकाउंट नहीं है तब तक आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग नहीं कर सकते हैं। फिजिकली या फिर ऑनलाइन फॉर्मेट में आपके पास डिमैट अकाउंट होना चाहिए।

आज के इस आर्टिकल में हम आपको डिमैट अकाउंट खोलने के तरीके स्टेप बाय स्टेप लेकर आए हैं। अगर आप भी शेयर मार्केट में निवेश करना चाहते हैं तो आपको अपना डिमैट अकाउंट खुलवाना पड़ेगा। लेकिन अकाउंट कैसे खोला है इसे आप परिचित नहीं है तो हमारा यह आर्टिकल ध्यान से पढ़ें। तो चलिए जानते हैं…

 

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Demat account किसे कहते हैं

बैंक अकाउंट की तरह ही डिमैट अकाउंट होता है। इस अकाउंट में निवेशक या ट्रेडर शेयर सर्टिफिकेट और अन्य सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक फार्म में रक्षित रखते हैं। आपको बता दें कि डीमैट अकाउंट का मतलब डिमैटेरियलाइजेशन अकाउंट होता है। इसमें शेयर, ईटीएफ, म्यूच्यूअल फंड बॉन्ड्स, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज और इंश्योरेंस जैसे इन्वेस्टमेंट को रखने का प्रोसेस बेहद आसान है। जो लोग शेयर मार्केट के बारे में जानते हैं वह डिमैट अकाउंट के बारे में भी जरुर जानते होंगे।

Demat Account

Types of demat account

डीमेट अकाउंट चार प्रकार के होते हैं।
1) Repatriable demat account
2) Non-repatriable Demat Account
3) regular demat account
4) basic service demat account

repatriable Demat Account

यह डिमैट अकाउंट n.r.i. के लिए होते हैं। इस अकाउंट का इस्तेमाल करके वह भारतीय शेयर बाजार में इन्वेस्ट कर सकते हैं और देशों में भी आसानी से पैसा भेज सकते हैं। मगर इसमें पेमेंट ट्रांसफर करने के लिए डिमैट अकाउंट को एनआरआई अकाउंट से जोड़ना जरूरी है।

Non-repatriable Demat Account

एन आर आई के लिए Non-repatriable Demat Account भी है। मगर इस अकाउंट का उपयोग करके n.r.i. विदेशों में पैसा नहीं भेज सकते हैं।

Basic service demat account

SEBI द्वारा शेयर मार्केट में पेश किया गया बेसिक सर्विस डिमैट अकाउंट एक नए प्रकार का अकाउंट है। यह अकाउंट छोटे निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इस अकाउंट में अगर निवेशक 50,000 रुपए से कम के स्टॉक और बान्ड रखते हैं तो उन्हें किसी प्रकार का कोई मेंटेनेंस चार्ज नहीं देना पड़ता। इसके अलावा 50000 से लेकर 2 लाख रुपए तक किसके वोट रखने पर केवल ₹100 चार्ज के तौर पर देना पड़ता।

Regular demat account

भारतीय नागरिक जो केवल शेयर खरीदना और बेचना चाहते हैं उनके लिए रेगुलर डिमैट अकाउंट है। इसमें वह अपने सिक्योरिटीज भी जमा कर सकते हैं। शेयर बाजार में जब आप शेयर खरीदते हैं तो वह आपके अकाउंट से क्रेडिट हो जाते हैं। जब आप शेयर को भेजते हैं तो शेयर आपके अकाउंट से डेबिट हो जाते हैं।

डिमैट अकाउंट खोलने का तरीका

डिमैट अकाउंट खोलने के लिए आपके पास आइडेंटी कार्ड, बैंक अकाउंट, एड्रेस प्रूफ और पैन कार्ड यह दस्तावेज होने जरूरी हैं। जो ब्रोकर की वेबसाइट आपने सिलेक्ट की है उस पर जाएं। वहां पर डीमेट अकाउंट खोलने के लिए डिजिटल फार्म को भरें। इसमें आपको अपना परमानेंट ऐड्रेस, नाम, इमानेंट अकाउंट से जुड़ी जानकारियां भरनी है। इसके अलावा कैंसिल चेक, पेन और आधार कार्ड की कॉपी को भी इस फॉर्म में अपलोड करना जरूरी है। इसके अलावा आपकी एक फोटो और आपके दस्तखत को स्कैन करके फार्म में अपलोड करना है। इसे आपको ट्रेडिंग या फिर डिमैट अकाउंट के साथ लिंक करना है। आपके सारे डाक्यूमेंट्स स्कैन हो जाने के बाद आपका डीमैट अकाउंट आसानी से खुल जाएगा।

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