Agniveer Recruitment 2023:अग्निवीर में शामिल से पहले देने होंगे ये टेस्ट.

Agniveer recruitment 2023 - news update

नमस्कार दोस्तों, आर्मी में भर्ती होने की प्रक्रिया में भारतीय सेना द्वारा कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। अग्निवीर में शामिल होने से पहले उम्मीदवारों को सीईई एग्जाम, फिजिकल फिटनेस टेस्ट और फिर आखिर में मेडिकल टेस्ट देना होगा। सेना में भर्ती होने की इच्छा रखने वाले अभ्यार्थी को यह तीन पड़ाव पार करने अनिवार्य है। जो युवा वर्ग अग्निवीर में शामिल होना चाहते हैं, मगर उन्हें परीक्षा प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं है। तो आज हम उनके लिए ही इस आर्टिकल में कुछ खास जानकारी लेकर आए हैं। अगर आप भी भारतीय सेना में भर्ती होना चाहते हैं और अग्निवीर में हुए बदलाव के बारे में जानना चाहते हैं तो हमारा लेख अंत तक जरूर पढ़ें।

 

आपको बता दें कि पिछले साल ही भारतीय सेना द्वारा अग्निपथ योजना को लागू किया गया था। जब इस योजना को लोगों के समक्ष रखा गया तो उन्होंने इसका बहुत विरोध किया। खासकर युवा वर्ग सरकार के इस फैसले से नाखुश थे। उन्होंने सड़कों पर आकर इस योजना के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल सेना में भर्ती होना कुछ लोगों को सिर्फ आर्मी का टैग चाहिए होता है लेकिन बहुत सारे लोगों को आर्मी में भर्ती होकर देश के प्रति कुछ कर गुजरने की इच्छा होती है। अग्नीपथ योजना पेश होते ही लोगों में बहुत रोष देखने को मिला मगर बहुत ही जल्द उन्होंने इस योजना को अपना लिया और अग्निवीर बने। इस योजना में साल 2023 में फिर से नए बदलाव किए गए हैं तो चलिए जानते हैं कि आखिरकार यह नए बदलाव क्या है।

अग्निवीर में नया बदलाव

अग्नीपथ योजना में बदलाव करते हुए आयोग के मुताबिक उम्मीदवारों को पहले सीईई याने के संयुक्त प्रवेश परीक्षा को पास करना होगा। इसके बाद उन्हें फिजिकल फिटनेस टेस्ट देना होगा और आखिर में उन्हें मेडिकल टेस्ट देना होगा। अभ्यार्थी यह तीनों परीक्षा पास करने के उपरांत ही सेना में भर्ती हो पाएंगे। यह परीक्षा पास करनी उनके लिए अनिवार्य है। आपको बता दें कि जो बदलाव अभी किए गए हैं इससे पहले बिल्कुल विपरीत था। पहले अग्नीपथ योजना में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को मेडिकल टेस्ट फिजिकल टेस्ट और अंतिम चरण में कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन देना होता था। पर अब इसमें सबसे आखरी में होने वाला एग्जाम पहले होगा। 10वीं और 12वीं पास उम्मीदवार ही इस में भाग ले सकते हैं। अब तक 19000 उम्मीदवार अग्निवीर में शामिल हुए हैं।

 

क्यों हुआ बदलाव

आयोग ने बताया कि आने वाली भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए उम्मीदवारों पर होने वाली आवश्यक लागत को और लॉजिस्टिकल मैनेजमेंट के मद्देनजर बदलाव किया है। पहले उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग बड़ी संख्या में होती थी जिस वजह से आर्सेनिक संसाधनों पर बहुत जोर आता था। भर्ती रैली में व्यवस्था एवं कानूनी नियम बनाए रखने के लिए हजारों सैनिकों को तैनात करना पड़ता था। इसके अलावा चिकित्सक कर्मचारी भी रखने पड़ते थे। इसलिए यह बदलाव किए गए हैं। रैली प्रक्रिया आयोजन से लागत कम आएगा और प्रशासनिक एवं चिकित्सा चिंता भी कम जाएगा।

 

अग्नीपथ योजना क्या है और कब लागू हुई

अग्नीपथ योजना 14 जून 2022 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा लागू किया गया था। हालांकि सरकार द्वारा जब इस योजना को लोगों के समक्ष रखा गया था । तब उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा। युवा वर्ग ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मगर धीरे-धीरे लोग इस योजना को समझने लगे और अग्निवीर बने। सारा प्रदर्शन आयु को लेकर था। क्योंकि कोरोना काल के दौरान 2 साल तक सेना की भर्ती प्रक्रिया बिल्कुल बंद रही। जिस कारण उम्मीदवारों की उम्र तैय मानक से ज्यादा हो गई थी। अग्निपथ सेना भर्ती साल 2022 में बदलाव करते हुए आयु सीमा को बढ़ाकर 21 साल से 23 साल कर दी गई थी। जो कि केवल साल 2022 तक ही था। आपको बता दें कि अग्निपथ योजना युवाओं के लिए एक स्कीम है। जिसमें हर युवा को 4 साल के लिए सेना के तीनों यानी कि थल सेना वायु सेना और जल सेना में सेवा निभाने का मौका मिलेगा। 4 साल बाद चुने गए जवानों में से 25% को भारतीय सेना आयोग द्वारा परमानेंट कर लिया जाएगा और बाकियों को रिटायर किया जाएगा। जो अग्निपथ योजना की परीक्षाओं को पार कर इसमें शामिल होगा वह अग्निवीर कहलाएगा।

 

अग्निवीर को मिल रही है ये सुविधाएं

अग्नीपथ योजना में जवानों के काम करने की अवधि 4 साल रखी गई है। बाद उन्हें रिटायर कर दिया जाएगा। मगर 4 साल के कार्यकाल में उन्हें पहले साल में 30 हजार, दूसरे साल में 33 हजार, तीसरे साल में 36500 और अंतिम साल में 40 हजार प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। अग्नि वीरों के रिटायर होने पर उन्हें किसी प्रकार की कोई पेंशन नहीं लगती। इसमें 6 महीने की ट्रेनिंग के साथ उन्हें 48 लाख का इंश्योरेंस भी दिया जाता है। इस दौरान अग्निवीर कि अगर मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को एक करोड़ रुपए की राशि दी जाएगी और यदि वह दिव्यांग होता है तो 44 लाखों रुपए सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। इसके अलावा अग्नि वीरों को पेंट के बाद अग्निवीर को स्किल सर्टिफिकेट भी दिया जाता है जिसका इस्तेमाल वह भविष्य में किसी और नौकरी के लिए कर सकते हैं। रिटायरमेंट के दौरान जो उन्हें सेवा निधि पैकेज मिलता उस पर कोई टैक्स नहीं लगता। इसके अलावा भविष्य में गुजारा भत्ता के लिए उन्हें रिटायरमेंट के बाद 12 लाख रुपए दिए जाएंगे। 4 सालों में भारतीय सेना में सीखे हुए स्किल्स को वो अन्य नौकरी में इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

अग्निवीर बनने की योग्यता क्या है

अग्निवीर बनने के लिए उम्मीदवार को सतारा से 23 वर्ष तक की आयु सीमा होना अनिवार्य है। साथ ही 10 वीं पास होना भी जरूरी है। तब ही अभ्यार्थी अग्निवीर बन सकता है।

 

अग्निवीर बनने के फायदे

जब अग्निपथ योजना लागू की गई थी तब लोगों ने इसका बहुत विरोध किया था क्योंकि वह इसके फायदे के बारे में नहीं जानते थे। अगर आप अग्निवीर बनते हैं तो आपको हर क्षेत्र में पहल दी जाएगी। जब आप इस से रिटायर होकर निकलेंगे तो आपके पास गतिशीलता, प्रशिक्षण, अनुशासन और कुशलता होगी। आपको अन्य नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि आपके पास अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट होगा। 21 और 23 साल की उम्र में आपके पास 12 लाख रुपए की राशि होगी जिससे आप अपना खुद का काम भी शुरू कर सकते हैं। अग्नि वीरों को नौकरी देने के लिए कई देशों ने आश्वासन भी दिया है। इसके अलावा आपको केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, असम राइफल्स के अलावा दूसरे बलों में भी अग्निवीर से रिटायर हुए जवानों को पहल दी जाएगी।

 

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